मोदीजी, डाकिया डाक लाया पैग़ाम लाया
मोदीजी, डाकिया डाक लाया, ख़ुशी का पैग़ाम कभी, कभी दर्दनाक लाया. मोदीजी अमेरिका की आबादी ३० करोड़ होगी तो उसमें से १० करोड़ लोग टैक्स भरते हैं। भारत की आबादी १३० करोड़ है तो उसमें से केवल ५ करोड़ लोग ही पूरी तरह से टैक्स भरते हैं। केवल नौ प्रतिशत गाड़ियाँ ही बीमा भरती है। सभी को पता है कि टैक्स से ही देश चला करते हैं। टैक्स भरने के बाद ही पीने का पानी, बिजली, मकान, सड़कें, इमारतें बना करती हैं। या उसकी सर्विस बेहतर हो पाती है, आज आप पानी की बोतल २० रुपये में ख़रीदते हैं लेकिन क्या नल से पानी जो आता है, जो सरकार देती है, क्या उसकी एक बोतल का रेट २० रुपये हैं या फिर नहीं, साहब एक रुपया भी नहीं है। आप उसी पानी को उबालकर पी सकते हैं। यह सेवा का काम सरकार को टैक्स की कमाई से होता है, यह जनता जानकर भी अनजान बनी रहती है, जैसे कि सरकार उनके घर की कोई लौंडी हो। सरकार उनके घर की दासी हो, सेवक हो, बंधुआ मज़दूर हो, मोदीजी ने यह सब कुछ ख़त्म करने का अभियान चलाया है तो लोग सकपका रहे हैं, उनको समझना चाहिए कि जब हम हमारी ज़रूरत की चीज़ों के लिए ही टैक्स नहीं भरेंगे तो देश कैसे चलेगा। अब आते ह...