माता पिता की लाशों पर घर बनाया
कई लोगों ने माता-पिता, भाई-बहन की छाती को रौंदकर, उनकी लाशों पर चलकर अपने मकान बनाये है एक घर में पिता गुज़र गये। माता रह गयी। माता ने 8 हज़ार की नौकरी कर ली। वह बच्चों को पाल रही थी। बच्चे बडे हुए। बच्चों ने कमाना शुरू किया तो वे माता को एक भी पैसा नहीं देते थे। बडा बेटा एक भी पैसा नहीं देता था तो छोटे ने कहा कि बडा नहीं देता है तो मैं क्यों दूँ? बडा बेटा कहता था कि माता मुझे तन™वाह नहीं मिलती मैं अभी ट्रेिनग पर हूँ न, तीन साल तो ट्रेqनग में ही बिना तन™वाह के निकल जाएँगे। छोटे ने कहा मेरे व्यापार में नुकसान हो रहा है। मैं उस नुकसान को बहुत ही मुशि्कल से कवर कर पा रहा हूँ, तुमसे ही तो उल्टे एक-एक हज़ार लेकर लोगों को नुकसान भर रहा हूँ।